#Reality_check: PANAMA PAPERS LEAK

इस समय पूरी दुनिया सफेद ‘पनामा पेपर्स’ में दर्ज काले कारनामों के कुछ ग्रे से शेड में रंगी है.

कभी आपने सोचा हैं …की आपकी हस्ती खेलती जिन्दगी में एक दम भूचाल आ जाए … कुछ ऐसा ही हुआ हैं दुनिया भर के नामचीन हस्तियों के साथ .. क्या नेता , क्या अभिनेता , क्या बिजनेसमेन … सभी इस पनामा पेपर के मायाजाल में फसते हुए नजर आ रहे हैं… अब तो बहुत नामचीन हस्तियों की नींद उड़ गई होगी जबसे उन्हें इस पेपर लीक होने का पता चला ..उनकी पैरो तले  जमीन खिसक गई होगी !

#Information :

Law firm : मोसक फ्रेंसेस्का का Headquarter

Panama : लैटिन अमेरिकी देश में मोजूद हैं headquarter

Panama , British virgin island , और Bahamas : देश हैं जहा टैक्स के नियम सरल हैं ..जहा छुपके से कंपनी खोली गई

अब आपको बताते हैं ..की आखिर क्या हैं पनामा पेपर्स ..??

पनामा की एक लॉ फार्म के एक करोड़ दस लाख  दस्तावेजो के लिक हो जाने की वजह से यह खुलासा हुआ हैं .. जी हाँ , और अब पूरी दुनिया के Investigative Journalist  अब इन दस्तावेजो की जांच पड़ताल (Study) कर रहे हैं ..

सरल भाषा में पूरा मामला  :  इस खुलासे को पनामा लिक कहा जा रहा हैं ..और इस से उन धोखे बाज़ अमीर लोगो का पता चल रहा हैं .. जो छुपके से अपने टैक्स को दुसरे सुरक्षित देश में भेज कर टैक्स चोरी  को अंजाम देते हैं .. एक तरफ आम आदमी जो कभी टैक्स की केंची से बाख नहीं पाता … लेकिन ताकतवर और रसूखदार लोग अपने पैसो को बचा भी लेते हैं और मन चाहे तरीके से खर्च भी कर देते हैं …और इसकी किसी को कानो कान खबर भी नहीं होती .. यही इस खबर का सार हैं !

पनामा लिक्स में दुनिया के 12 मौजूदा और पूर्व राष्ट्राध्यक्ष के नाम शामिल हैं … इनमे से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ , चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग जेसे नेता शामिल हैं .. इसमें पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो का नाम भी शामिल हैं …यही नहीं दुनिया के सबसे मशहूर फुटबॉल खिलाडी “मेस्सी “ का नाम भी शामिल हैं …इस लिस्ट में भारत से जुड़े भी 500 से ज्यादा नाम सामने आये जिसमे से सदी के महानायक “अमिताभ बच्चन और उनकी बहु ऐश्वर्या राय बच्चन” का नाम भी शामिल हैं |

अमिताभ बच्चन  के देश और दुनिया में करोड़ो प्रशंषक हैं ..और वो इस खबर से काफी चिंतित हैं लेकिन अगले ही दिन अमिताभ बच्चन ने अपना रुख साफ़ कर दिया और कहा की उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया हैं जबकि वह किसी भी कंपनी के निदेशक नहीं रहे … उन्होंने ED (Enforcement Directorate) यानी की प्रवर्तन निर्देशालय को सभी जवाब दिए और इस बारे में जांच करने में उनकी तरफ से पूरी सहायता करने की बात भी कही |

इसके आलावा DLF के प्रमोटर ” के पी सिंह “ और india बुल्स के मालिक ” समीर गहलोत “ के नाम भी शामिल हैं |

नवाज शरीफ ने अपने बेटो के नाम भी शामिल होने पर इस बारे में जांच करने के पुरे आदेश दिए हैं , साथ में व्लादिमीर पुतिन  ने अपने पिता की कंपनी होने की बात कबुली ..

भले ही भारत में इस पनामा पेपर लिक्स से कुछ ज्यादा प्रतिक्रिया या आलोचना सामने नहीं आई लेकिन दुसरे देश में यानी की आइसलैंड के प्रधानमंत्री का वहा के लोगो ने बहुत विरोध किया और आखिरकार डेविड कैमरन” को अपने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा | लेकिन विरोध अब भी जारी हैं |

आखिर ये खुलासा हुआ केसे ?

पनामा के जिस कंपनी के एक करोड़ दस लाख जो दस्तावेज लिक हुए हैं ..उस कंपनी का नाम हैं  मोसाक फोंसेका … लिक हुए दस्तावेज बताते हैं की केसे दुनियाभर के 140 नेताओ और सेकड़ो सेलेब्रिटी ने टैक्स हेवन (Tax Heaven) कहे जाने वाले देशो में अपना पैसा निवेश (Invest) किया ..इन लोगो ने शैडो  कंपनिया , ट्रस्ट और कारपोरेशन बनाये ..  शैडो कम्पनी का मतलब हैं ऐसी कंपनिया जो सिर्फ दिखावे के लिए बनाई जाती हैं लेकिन उनके पीछे का मतलब होता हैं …किसी कानूनी प्रक्रिया  से बचना और अपने पैसो को ठिकाने लगाना या फिर अपने काले धन को सफ़ेद करना …

लिक हुए दस्तावेजो से यह पता चला हैं की पनामा , British virgin island , और Bahamas में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया  … इन  अमीर नामचीन और रसूखदार लोगो ने यहाँ इन देशो में निवेश इसलिए किया क्योकि यहाँ टैक्स के नियमो और प्रक्रिया बहुत आसन हैं और उनके नामो की गोपनीयता (Privacy) बनी रहेगी … इन लिस्ट में 500 से भी अधिक नाम भारतीयों के हैं ..और यह नाम बहुत ख़ास हैं ..फिलहाल इन सब नामो पर जांच पड़ताल चल रही हैं ..और जेसे जेसे नाम सामने आते जायेंगे ..वेसे वेसे यह विवाद भारत में भी बड़ी आग पकड़ सकता हैं … इस बारे में पूरी खबर 4 अप्रैल को Indian Express अखबार ने छापी थी ..

 

विदेश में निवेश के RBI के नियम :

2003 से पहले कोई भी भरतीय विदेश में कंपनी नहीं बना सकता था ..

2004 में ज्यादा से ज्यादा 25 हजार डॉलर सालाना खर्च प  विदेश में शेयर खरीदने की इजाजत मिली .. अब यह बाद कर ढाई लाख अमेरिकी डॉलर हो गई हैं …

लेकिन 2013 से पहले कोई भी कंपनी विदेश में खोलने की इजाजत नहीं दी थी … अगस्त 2013 में विदेश में निवेश करने की छुट मिली ..

तो सवाल यह हैं की टैक्स हेवन देश में अपने पैसे लगा कर कंपनी खोलकर टैक्स बचाने और अपनी पहचान गुप्त रखने के लिए देश का नियम तोडा हैं ?

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