The pathetic condition of GANGA RIVER

भरतीय संस्कारो में गंगा सिर्फ एक नदी नहीं हैं बल्कि आत्मा के परमात्मा से मिलन का जरिया भी हैं … जिसे मृत्यु लोक में मोक्ष दानी बनाने के लिए कठोर तपस्या करने के बाद भागीरथ स्वर्ग से जमीन पर उतार लाये थे …

लेकिन 21 वी सदी के भारत की दुखद तस्वीर यही हैं … की भारत में नदियों के नाम पर अब सिर्फ नाले बहते हैं ,

जीवन दायनी गंगा भी आज इसी त्रासदी का शिकार हैं , सदियों तक करोडो लोगो को मोक्ष दिलाने अली गंगा आज खुद ही अपनी हालत पर आंसू बहा रही हैं .. पिछले कही दशको से गंगा पर Non Stop अत्याचार हुआ हैं ..

गंगा नदी में हर रोज Sewage का 300 करोड़ लीटर गंधा पानी छोड़ा जाता हैं …

हर रोज 2 करोड़ 70 लाख लीटर प्रदूषित कचरा गंगा के पानी में जाता हैं .. सिर्फ अकेले कानपुर में ही अलग अलग 470 गंधे नाले गिरते हैं … गंगा में जहरीले केमिकल सामान्य से 300 गुणा ज्यादा हैं

गंगा नदी के किनारे 50 करोड़ लोग रहते हैं ..यानी की हमारी देश की 40 प्रतिशत आबादी सिर्फ गंगा के पानी पर निरभर हैं… लेकिन गंगा पूरी दुनिया में छठी सबसे प्रदूषित नदी हैं |

अकेले उत्तर प्रदेश से ही गंगा के अन्दर 50 प्रतिशत से ज्यादा प्रदुषण होता हैं .. अब वाराणसी और इलाहबाद में स्तिथि ऐसी हैं की अब गंगा का पानी हाथ धोने या स्नान करने लायक भी नहीं बचा हैं |

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s