Aadhar bill 2016 (Money bill)

मार्च का महिना BJP सरकार के लिए कुछ ज्यादा खास रहा …हो भी क्यों न  , आख़िरकार दो अच्छे बिल लोकसभा में पास हो ही गए .. पहला आधार विधयेक 2016 बिल जिसे BJP सरकार ने “Money bill” (मनी बिल) के नाम से पेश किया … और दूसरा “Real Estate bill 2016” (रियल स्टेट बिल) !

एक नजर “आधार” पर , जानते हैं क्या हैं यह  :-

मौजूदा समय में भारत में करीब 97% लोगो के पास आधार कार्ड हैं … और हम इसका उपयोग किसी न किसी सरकारी स्किम्स का लाभ उठाने के लिए करते हैं ..लेकीन क्या आपको याद हैं की आधार कार्ड बनाते हुए आपकी पहचान करने के लिए क्या क्या रिकॉर्ड किया गया , और अगर वह रिकार्ड्स लीक हो जाए तो उनका किस तरह गलत प्रयोग हो सकता हैं ? लेकिन आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह कह कर साफ़ कर दिया की ये जो भी रिकॉर्ड रखा जा रहा हैं उसमे कोई भी विदेशी एजेंसी काम नहीं कर रही और यह सब डाटा भारत के अन्दर ही बेंगलूरू में  और मानेसर में सुरक्षित रखा गया हैं|

Aadhar-Card

अब चलो याद कर लेते हैं की आधार बनाते हुए हमसे क्या क्या लिया गया था ? सबसे पहले तो आपने एक फॉर्म भरा होगा जिसमे आपने अपना नाम , माता पिता का नाम , जन्म स्थान ,जिला और राज्य , जन्म तिथि , लिंग .. ईमेल , मोबाइल नंबर  जेसी अपनी  बहुत सी पर्सनल  डिटेल्स भरी होंगी …  साथ में आपके परिवार में कोई हो जिसका आधार हो तो उसका भी नंबर लिखना होता हैं … फिर आपको जन्म तिथि का प्रमाण भी देना होता हैं .. स्थायी पता यानि की आपका परमानेंट एड्रेस के लिए भी आपको राशन कार्ड , पेन कार्ड , पासपोर्ट , ड्राइविंग लाइसेंस , पेन कार्ड , पासपोर्ट ,मतदाता पहचान पत्र  जेसे 33 प्रमाणों में से कोई एक प्रमाण देना होता हैं| फिर एक मशीन से आपकी उंगलियों और आँखों की पहचान ली जाती हैं , स्कैन कर के फोटो खिंचा जाता हैं …| इसके बाद आपको आधार नंबर मिलता हैं जिस से आप कोन हो ? किस धर्म के हो ? किस जाती के हो ? कहा रहते हो ? केसे दिखते  हो ? किस मजहब के हो ? कोंसी भाषा बोलते हो ? और साथ में आपकी इनकम कितनी हैं ? इन सब सवालों के जवाब उस आधार नंबर में छुपे होते हैं जिस से आपकी पहचान  आसानी से की जा सकती हैं … इसलिए इसको Unique identification authority of India यानी भरतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण कहा जाता हैं | जिसे भारत सरकार ने 2009 में गठित किया था | भरतीय सरकार ने करीबन 60 करोड़ से ज्यादा इस आधार योजना पर खर्च कर दिए हैं |

इसको भारत सरकार का उठाया सबसे अच्छा कदम बताया जाता हैं क्योंकी जब आधार नहीं होता था तो आपको किसी भी योजनाओ के लिए अपने साथ अलग अलग दस्तावेज रखने होते थे और उनमें से अगर एक भी नहीं होता उस समय तो आपको वहा से टाटा बाय-बाय बोल  यह कहकर भगा दिया जाता की अगली बार साथ आओ तो सभी दस्तावेज साथ लेकर आना |

भारत सरकार ने हाल ही में आधार को  मनी बिल के नाम से लोकसभा में पेश किया “Targeted Delivery of Financial and other subsidies, Benefits and services Bill 2016” और साथ में पास भी हो गया | वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना हैं की इसका मकसद सिर्फ यह हैं की सब्सिडी का पैसा किसे मिल रहा हैं ? उन्होंने यह भी उदाहरण दिया की उनकी कार में जब डीजल भरा जाता हैं तो उनसे किसी पहचान की मांग नहीं होती जिस से उनको भी डीजल पर सब्सिडी मिल जाती हैं … जोकि नहीं मिलनी चाहिए | तो भारत में ऐसे कितने लोग होंगे जिन्हें बेमतलब की सब्सिडी मिल रही है और उनकी वजह से उन तक उस सब्सिडी का फायदा नहीं पहुँच पा रहा हैं जिन्हें इसकी असल में जरुरत हैं | रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा की पिछले दिनों Direct Benefit transfer की वजह से 1500 करोड़ की बचत हुई |

इस बिल में कुछ मुख्य सेक्शन हैं – बिल के Chapter VI के अनुसार आपकी सूचनाओ को गुप्त और सुरक्षित रखने का प्रावधान हैं | यानि की आपकी Privacy  का ख्याल सरकार ने इस बिल में रखा हैं | सेक्शन 8 के जरिये कुछ डाटा व्यक्ति की मर्जी से साझा किये जायेंगे | सेक्शन 7 से आपको सब्सिडी पानी हेतु आधार दिखाना अनिवार्य होगा |  क्लोज 47 के तहत अगर कोई इस एक्ट की वजह से अपराध होता हैं तो कोर्ट इसका जिमेदार नहीं होगा | MONEY BILL

#Money_Bill को आसानी से समझिये :-

अब आपको बता दिया जाये की “MONEY BILL” से आपको क्या फायदा पहूँचेगा ? यह बिल अब  कल्याणकारी योजनाओ और सब्सिडी (Subsidy) का फायदा आप तक सीधा पहुंचाएगा … यानी की अब आपकी सब्सिडी मिलने में कोई मुसीबत नहीं होगी अगर आप इसके हकदार हैं  तो ही , क्योंकि लोकसभा ने आधार विधेयक 2016 को पारित कर लिया .. इस विधेयक के प्रावधानो  के  अमल में आने के बाद सरकार आधार नंबर के इस्तेमाल के जरिये बेहतर तरीको से लाभान्वितो की पहचान और सीधे उन तक सब्सिडी का लाभ पहुचायेगी | केंद्र में UPA सरकार भी आधार से सम्बंधित विधेयक लेकर आयी थी ..और आधार कार्ड के उपयोग का मामला सुप्रिम कोर्ट के दरवाजे तक भी पहुंचा था , सरकारी योजनाओ के लिए आधार कार्ड को स्वेच्छिक रखे जाने और आनिवार्य नहीं रखने की बात कही थी … मौजूदा BJP सरकार ने साफ़ तरीके से कहा हैं की इस बिल का मकसद किसी की पहचान करना नहीं हैं बल्कि यह सुनिश्चित करना हैं की सरकारी सब्सिडी का लाभ सही लोगो को ही मिले …जिससे उसमे होने वाली लीकेज को रोका जा सके … आपको पता होगा की पहले वो  लोग को भी गलत तरीके से सब्सिडी का फायदा लेने लगे थी जिनको इसकी कोई जरुरत नहीं थी ….  जिससे सरकार को करोडो रूपये का घाटा होता था …! मौजूदा समय में करीब 99 करोड़  लोगो के पास आधार कार्ड हैं .. और लोग 5 लाख लोग रोज  आधार कार्ड बनवा रहे हैं … शायद इसके पीछे प्रधानमंत्री जी का सोचा समजा खेल था की पहले आधार बनवाओ फिर जन धन में अकाउंट खुलवाओ … और अब तो सब्सिडी चाहिए तो भी आधार जरुरी हैं … कुल मिला कर अब UPA के आधार की जरुरत सबको पढने वाली हैं |

 फोटो का उपयोग सिर्फ प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है।

 

 

Data’s source : Money bhaskar website , ndtv , wikipedia:AADHAR ,DD News channel and Google

 

 

 

 

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