My Thoughts My View Special : I am Kalam – By Sourabh Prajapat

अब तक तो वैसे बहुत ब्लॉग लिखे है । पर यह पहला ब्लॉग है जहा लिखते हुए ख़ुशी नहीं , आँखे नम हो रही है । चार दिन पहले की ही बात है , झारखण्ड की राज्य शिक्षा मंत्री निरा यादव ने  एपीजे अब्दुल कलाम को एक विद्यालय में गलती से श्रदधान्जली दे दी , तो  वह खबर पढ़ कर हसी आ गई की शिक्षा मंत्री होते हुए इतनी बड़ी गलती केसे कर सकती है , एक जिन्दा इंसान भारत के पूर्व राष्ट्रपति को केसे माला पहना के श्रदधान्जली दे सकती है और ये सोच कर मेने अपने फेसबुक की टाइमलाइन पर उस को शेयर  कर दिया लेकिन मेने कभी सोचा भी नहीं था  की जिस खबर पर मैं हस रहा था उस दिन , वो खबर 5 दिन बाद सच हो जायेगी , 27 जुलाई की रात को अपने हॉस्टल के मित्रो के साथ डिनर कर के हॉस्टल की तरफ बढ़ ही रहा था की मोबाइल में खबर पढ़ी  ” Former president Dr. APJ Abdul Kalam Dies at the age of 83 in shilong -NDTV ” , और यह खबर जेसे ही पढ़ी पहले तो विश्वास नहीं हुआ , और जेसे ही अपने दोस्तों को सुनाई , सब अपना काम छोड़ सीधे हॉस्टल की TV की और भागे और न्यूज़ चैनल चलाया तो , हर चैनल पर बस कलाम के निधन से जुडी खबर थी , खबर देख आँखों में आंसू आ गए ऐसा लग रहा  था की कोई अपना हम से मिले बिना दुनिया से चला गया , अगले दिन यूनिवर्सिटी परीक्षा थी लेकिन पढने में बिलकुल दिल नहीं लगा , पूरी रात डॉक्टर कलाम की बाते याद करते रहा , youtube पर उनके संबोधन सुनते रहा लेकिन दिल नहीं मान रहा  की इतने भ्रस्ट नेताओ को छोड़ कर इश्वर ने डॉक्टर कलाम को क्यों अपने पास बुला लिया …शायद उनको किसी सच्चे और अच्छे व्यक्ति की जरुरत होगी ..

कलाम सर के बारे में  मेने सबसे पहले सातवी कक्षा में पढ़ा और तब से उनकी बाते उनके विचार मुझे अच्छे लगने लगे , उन्होंने सिखाया की अगर सपने देखते हो तो सपनो को पूरा भी करना सीखो , अपने बचपन में अखबार बेचने वाले की खबर आज दुनिया के हर अख़बार में छपि है ,  उन्होंने इतनी मेहनत कर के आज जो देश को दिया है , शायद ही और कोई दे सकता है . कलाम सर के बारे में एक बात पढ़ कर बहुत गर्व महसूस हुआ जब मेने पढ़ा की उन्होंने अपने राष्ट्रपति के 5 वर्ष के  कार्यकाल के समय सिर्फ 2 दिन ही छुट्टी ली , एक तब जब उनकी माता का निधन हो गया था और दूसरा तब जब जब उनके पिता का निधन हो गया था , बाकि उन्होंने अपनी पुरा जीवन अविवाहित रहकर देश को समर्पित कर दिया , अपने साठ साल के retirement के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी , वो देश विदेश  में जगह जगह जाकर बच्चो से मिलते और उनको अपने देश के लिए काम करने के लिए प्रेरित करते , वह ज्ञान से परिपूर्ण थे लेकिन स्वभाव में एक दम साधारण थे , बच्चो के ही नहीं बल्कि सबके चाहिते थे … शायद यही कारण है की आज पूरा देश उनके लिए आंसू बहा रहा है , शायद वो भी ये सब ऊपर से देख के रो रहे होंगे . वह भारत को 2020 तक develop country बनाना कहते थे लेकिन जिस तरह से आजकल गन्धी राजनीति हो रही है …  देश को छोड़ कर एक दूसरी पार्टी पर आरोप लगा रहे है .. जहा मानसून शत्र चालू होने के बाद भी लड़ लड़ कर  रोज  स्थगित कर रे है , उन नेताओ से इस देश को चलाने की केसे सोचा जाए , जहा संसद में फैसले कम हंगामे ज्यादा होते है , जहा के नेता एक दुसरे पर कीचड़ उच्चालने में लगे है , जहा राजनीती में आते ही आम आदमी को भी ख़ास बन जाता है …तो केसे होगा इस देश का कल्याण …केसे हम हमारे कलाम जी का सपना पूरा करेंगे … कलाम जी आपकी इस देश को बहुत जरुरत है …  लौट आओ …लौट आओ ….

kalam51

आज हम सब इंसान थे …कल फिर हिन्दू मुस्लमान हो जायेंगे …
एक दिन के लिए सबको इंसान बनाने पर आपका शुक्रिया …अलविदा कलाम सर !!
काश हमेशा के लिए इस दुनिया से हिन्दू मुसलमान का भेद ख़तम हो जाए … और हम शांति से  जिए और जीने दे !!
आए हम कलाम जी का “INDIA 2020”  उनके सपनो का भारत बनाये …
मजहब नहीं सिखाता आपस में बेर रखना …!!!!!!!
– सौरभ प्रजापत , पुणे
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