क्या है आदर्श घोटाला?

यह है मामला
बॉम्बे हाई कोर्ट  के रिटायर्ड जज जे ए पाटिल के अध्यक्षता वाले दो सदस्यीय न्यायिक आयोग ने 670 पेज  की अपनी रिपोर्ट में करीब 22 बेनामी लेनदेन का खुलासा किया है।
न्यायिक आयोग ने जांच में पाया कि फ्लैट खरीद के 103 मामलों में 22 बेनामी लेनदेन किए गए हैं।  जो अधिनियम- 1988 का खुला उल्लंघन है।
इन 22 बेनामी लेनदेन में से 8 लेन देन में भाजपा के राज्यसभा सदस्य अजय संचेती के भाई अभय संचेती का नाम जुड़ा है।  आयोग का आरोप है  कि बेनामी लेन देन वाले इन 8 फ्लैटों के वास्तविक मालिक संचेती और नागपुर के सन फाइनैंस कॉर्पोरेशन हैं। अभय सन फाइनैंस कॉर्पोरेशन के निदेशक भी हैं।

दिसंबर में खारिज़ हुई रिपोर्ट
महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार (27 दिसंबर ) को आदर्श घोटाले पर न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था।
दो मंत्रियों को क्लीन चिट
राजेश टोपे और सुनील तटकरे को कैबिनेट ने क्लीन चिट दी है। इन पर भी आदर्श घोटाले के आरोप लगे थे ।

फ्लैट खरीद में गड़बड़ी  
जिन लोगों को फ्लैटों के मालिकाना हक से अयोग्य पाया गया है उनमें महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व स्पीकर राकांपा के बाबासाहेब कूपेकर, यूएन में भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े, पूर्व शिवसेना सांसद सुरेश प्रभु और  पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के तीन सगे संबंधी शामिल हैं।

सीबीआई जारी रखेगी जांच
सीबीआई घोटाले में अलग से जांच कर रही है। यह घोटाला 2010 में सामने आया था जब अशोक चव्हाण मुख्यमंत्री थे।

अशोक चव्हाण को गंवानी पड़ी थी कुर्सी
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की मुश्किलें अब बढ़ सकती है। घोटाला सामने आने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
रिपोर्ट को 18 अप्रैल 2013 को राज्य सरकार को सौंपा गया था। दिसंबर  में विधानसभा के  शीतकालीन   सत्र के अंतिम दिन रिपोर्ट को सरकार ने सदन में रखा। अंतरिम रिपोर्ट 13 अप्रैल 2012 को राज्य सरकार को सौंपी गई थी और कार्रवाई रिपोर्ट 17 अप्रैल 2012 को सदन में रखी गई थी।

2011 में बना था जांच आयोग
जनवरी 2011 में आदर्श घोटाले की जांच के लिए किया गया था।  जांच का मकसद उस जमीन के मालिकाना हक समेत कई पहलुओं को देखना था जहां दक्षिण मुंबई में आदर्श हाउसिंग सोसायटी की 31 मंजिला इमारत बनी है।  समिति को यह देखना था कि क्या यह करगिल युद्ध नायकों के परिवारों के लिए थी और क्या निर्माण के लिए अनुमति देते समय नियमों का उल्लंघन किया गया। आयोग की अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है कि जमीन राज्य सरकार की थी, न कि रक्षा मंत्रालय की और न ही यह युद्ध विधवाओं के लिए आरक्षित  थी।

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  • क्या है रिपोर्ट में?
    रिपोर्ट में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित कई नेताओं को कानूनी प्रावधानों के गंभीर उल्लंघनों का दोषी ठहराया गया था।
    इसके अलावा कई नौकरशाहों  के भी नाम इस रिपोर्ट में है।
    0 पैनल  ने सोसायटी के 102 सदस्यों में से 25 को अयोग्य पाया और फ्लैटों की बेनामी खरीद फरोख्त के 22 मामले सामने आए।
    0 रिपोर्ट में कहा गया है कि आदर्श सोसायटी को पूर्व मुख्यमंत्रियों विलासराव देशमुख, सुशील कुमार शिंदे और अशोक चव्हाण, पूर्व राजस्व मंत्री शिवाजीराव पाटिल, पूर्व शहरी विकास मंत्री सुनील तटकरे और पूर्व शहरी विकास मंत्री राजेश टोपे का राजनीतिक संरक्षण हासिल था। अशोक चव्हाण ऐसे अकेले मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें सीबीआई द्वारा घोटाले में आरोपी बनाया है।
    0 लेकिन राज्यपाल के शंकरनारायणन ने कुछ दिन पहले जांच एजेंसी को उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत देने से इंकार कर दिया।
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